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चित्र आधारित प्रतियोगिता, 29 अक्टूबर, 2023

 नारी तू नारायणी हिन्दी साहित्य मंच मे 29 अक्टूबर 2023 को आयोजित चित्र आधारित प्रतियोगिता में विभिन्न रचनाकारों ने भाग लिया।  सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं 🌺🌺 प्रतियोगिता में भाग लेने वाले रचनाकारों के नाम  रेखा राठौर आचार्य निर्मल मिश्री निवेदिता सिन्हा डॉ प्रभा जैन श्री नन्दी बहुगुणा गीता गिरि  टाक  डॉ अनुपम भारद्वाज मिश्रा डॉ मनोरमा चन्द्रा 'रमा' सुनीलानंद  काजल कुमारी  वीरेन्द्र जैन तृप्ती देव डॉ राजकुमारी वी अग्रवाल  श्रीमती संध्या श्रीवास्तव भावना मोहन विधानी  नीता गुप्ता रायपुर प्रियंका भूतड़ा प्रिया मालिनी त्रिवेदी पाठक  रानी नारंग मीरा आर्ची चौहान राजीव कुमार Usha srivastava इन्दु उपाध्याय पूनम रामजी पाण्डेय  विजया उनियाल हेमलता बहुगुणा पुतुल मिश्रा ममता श्रवण अग्रवाल पूर्णिमा राय गोविंद रीझवाणी "आनंद" रंजुला चंडालिया कुमुदिनी भारती श्रीवास्तव  प्रा. सुनीता केसरवानी  मीता लुनिवाल "मीत" डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव डॉ. दक्षा जोशी कविता कोठारी "करुणा" रवि शंकर श्रीवास्तव  मुकेश कुमार दुबे "दुर्लभ" रंजना बिना...

84 लाख जन्मों का रहस्य

 एक आत्मा को मनुष्य का शरीर प्राप्त करने के लिए 84 लाख योनियों से होकर गुजरना पड़ता है। अर्थात उसे मनुष्य योनि में जन्म लेने से पहले 84 लाख योनियों में जन्म लेना पड़ता है। फिर उसके कर्मो के आधार पर उसे मनुष्य योनी में जन्म मिलता है। अर्थात यदि उसके कर्म अच्छे है तो ही उसे मनुष्य योनि प्राप्त होगी और फिर वो इस योनी में भी अपने अच्छे कर्मो के आधार पर बैकुंठ धाम चला जायेगा या फिर अपने बुरे कर्मो के आधार पर दुबारा जन्म मरण चक्र में फस जायेगा।           पद्म पुराण के मुताबिक 84 लाख योनियों का अर्थ सृष्टि में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के जीव जंतु है। पुराण में बताया गया है की पानी के जीव यानी जलचर नौ लाख, पेड़ पौधे 20 लाख, कीड़े मकोड़े 11 लाख, पक्षी 10 लाख, पशु 30 लाख और देवता - दैत्य - मानव की चार लाख योनियां है। ये सब मिलाकर कुल 84 लाख योनियां बनती है।      अब मुझे समझ ये नही आता की मानव योनी में जन्म लेना ही श्रेष्ठ क्यों है? 🤔जबकि देवता तो मानव से भी श्रेष्ठ है। बल्कि देवता तो स्वर्गलोक में रहते है। जहा हर तरह की सुख सुविधा है। और वो क...

जब मैंने श्रीमद्भगवद् गीता पढ़ी

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 इस दशहरा मैंने श्रीमद्भगवद् गीता की किताब खरीदी। ये किताब हिंदी भाषा में है और इसमें श्री कृष्ण के उपदेशों को सरल भाषा में काफी समझा के लिखा गया है। इसलिए इसे समझना आसान है।  बहुत दिन से मैं सोच रही थी की इस किताब को पढ़ना चाहिए। फाइनली ये किताब आज मेरे पास है। मै बहुत ज्यादा ही खुश और एक्साइटेड हूं इस किताब को लेकर। मै जब से इस किताब को खरीद के लाई हूं। हर बार अंदर से ऐसा महसूस हो रहा जैसे मैं कोई percious jewl ले आई हूं।  इस किताब में इतनी ऊर्जा है। जिसे हर पल महसूस किया जा सकता है। मै बहुत एक्साइटेड हू इस किताब को पढ़ने के लिए। लेकिन मैने अभी इसके आगे के 6 पेज ही पढ़े है। क्योंकि मुझे कुछ भी पढ़ने के बाद बहुत सारे थॉट और सवाल आ जाते है तो मुझे उसे लिखना पड़ता है। इसलिए इस किताब को पढ़ने में भी काफी समय लग रहा है। लेकिन मैं इसे जल्दी ही खत्म कर दूंगी और हो सकता है की तब तक मैं अपने सारे थॉट और सवाल को एक जगह लिख कर अपनी एक नई किताब बना दू। जिसका जवाब भी मैं खुद ही लिखूंगी।    धृतराष्ट्र और पाण्डु सगे भाई थे। धृतराष्ट्र के जन्म से अंधे होने के कारण पाण्डु को र...

कुटुंब एप प्रतियोगिता, 26 अक्टूबर, 2023

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 नारी तू नारायणी हिन्दी साहित्य मंच मे 26 अक्टूबर 2023 को आयोजित प्रतियोगिता  विषय - दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वस्तु है घुमक्कड़ी  (राहुल सांकृत्यायन जी की रचना घुमक्कड़ शास्त्र की कुछ लाइनों पर आधारित)  में विभिन्न रचनाकारों ने भाग लिया।  https://youtu.be/i9KedeCJ1n0?si=zFwVgLP_Hw1ohMVn सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं 🌺🌺 https://www.facebook.com/groups/172158059119295/permalink/284108504590916/?sfnsn=wiwspwa&ref=share&mibextid=KtfwRi प्रतियोगिता में भाग लेने वाले रचनाकारों के नाम  रवि शंकर श्रीवास्तव प्रो डॉ शरद नारायण खरे किरण विजय पोरवाल लखनलाल माहेश्वरी  पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी हेमलता बहुगुणा मिताली श्रीवास्तव वर्मा विजयलक्ष्मी मुकेश कुमार दुबे "दुर्लभ" पूनम सिन्हा पूनम रामजी पाण्डेय अपराजिता शर्मा अर्चना कुशवाहा सुनीलानंद मधुबाला सेमवाल पुतुल मिश्रा डॉ. दक्षा जोशी श्रीमती संध्या श्रीवास्तव राजीव कुमार पूर्णिमा राय विजया उनियाल संगीता सूर्यप्रकाश मुरसेनिया  प्रा. सुनीता केसरवानी  मीता लुनिवाल "मीत" रंजना बिनानी काव्या भगवती...

श्री राम की कुलदेवी का मंदिर

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की कुलदेवी मां बड़ी देवकाली का मंदिर फैजाबाद में स्थित है। (फैजाबाद का नाम बदल कर अयोध्या कर दिया गया है।) लोगो की इस मंदिर से बहुत सारी मान्यताएं और आस्था जुड़ी हुई है। ऐसा माना जाता है की जब श्री राम का जन्म हुआ था तब माता कौशल्या उन्हे लेकर यहां दर्शन करने आई थी। तब से ही जब भी किसी के घर संतान होती है तो वो अपनी संतान को लेकर यहा दर्शन करने आता है।  नवरात्र के समय मंदिर में अच्छी खासी भीड़ होती है। मंदिर के चारो ओर मेले का आयोजन होता है। जिसमे बच्चो के खिलौने, साज सज्जा का सामान व घरेलू सामान होते है।  बच्चो का मुंडन, मुंह दिखाई, सगाई, कथा सुनना, भंडारा का आयोजन आदि मांगलिक कार्यक्रम भी यह सम्पन्न होते है। इस मंदिर के सामने ही एक बड़ा सा कुंड बना है। जिसमे स्वच्छ पानी है। कुंड में जाने के लिए चारो ओर से सीढ़ियां लगी है। कुछ पर्यटक इस कुंड में नौका भ्रमण का आनंद भी लेते है।  मंदिर के मुख्य द्वार के बाई ओर मिठाई की दुकान है। जहा से माता को चढ़ाने के लिए प्रसाद, मिठाई, नारियल, चुनरी आदि ले सकते है। मंदिर से मुख्य द्वार से अंदर जाते ही सा...

ऑफलाइन काव्यपाठ प्रतियोगिता, 22 अक्टूबर 2023

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रविवार 22 अक्टूबर 2023 दिन रविवार को नारी तू नारायणी मंच के व्हाट्स एप ग्रुप में ऑफलाइन काव्य पाठ का आयोजन किया गया। जिसका विषय स्वैच्छिक था। जिसमे विभिन्न रचनाकारों ने भाग लिया व अपनी रचना का काव्यपाठ करते हुए वीडियो और  ऑडियो बना कर भेजा। सभी भाग लेने वाले प्रतिभागियों के वीडियो को मंच के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया जायेगा।  प्रतिभागियों के नाम   सुनिलानंद श्रीमती संध्या श्रीवास्तव छाया दोन्दलकर उषा श्रीवास्तव जाग्रति कौशकिया विजयलक्ष्मी प्रो (डॉ) शरद नारायण खरे प्रतिमा यादव लखनलाल माहेश्वरी पूनम सिन्हा डॉ शशिकला अवस्थी अनिता ईश्वरदयाल  विजया उनियाल Hitika  सुनीता नलवाया (मेहता) रेश्मा बेहेरानी चंद्रकला भरतिया इन्दु उपाध्याय मीता लुनिवाल "मीत" भगवती शिव प्रसाद जी बिहानी डॉ श्रीमती राजकुमारी वी अग्रवाल मुकेश कुमार दुबे "दुर्लभ" जुगल किशोर पुरोहित अपराजिता शर्मा नन्दी बहुगुणा  गोविंद रीझवाणी आनंद पूर्णिमा सिंह रमा पहरिया मिताली श्रीवास्तव वर्मा रानी नारंग नवनीता दुबे नूपुर मीरा आर्ची चौहान सोनी रावत  सविता मिश्रा हेमलता बहुगुणा मधुबाला सेमवाल ...

बकरी के दूध के साइड इफेक्ट्स

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  डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी में बकरी का दूध काफी कारगार  साबित होता है। और मरीज को प्लेटलेट्स की रिकवरी में  काफी मदद करता है। इसलिए ही दवा के साथ साथ मरीज  को बकरी का दूध पीने की सलाह भी दी जाती है।  लेकिन क्या आपको पता है की ये बकरी का दूध जितना  लाभदायक है। उतने ही खतरनाक इसके साइड इफेक्ट्स भी  है। मेरा आज का लेख उसी पर है। बकरी के दूध के क्या  क्या साइड इफेक्ट्स है।  बकरी का केवल दूध ही नहीं बल्कि बकरी का मांस और  उसका खून भी और जानवरो के मामले में काफी गर्म होता  है। जो लोग बकरी का मांस खाते होगे उन्हे ये बात पता  होगी की बकरी का मांस शरीर में कितनी गर्मी देता है। अगर  कोई एक दिन खाए तो शायद उसके लिए इस मांस को पचा  पाना मुश्किल है। लेकिन जो लोग रोज खाते है उनके लिए  इसे पचा पाना आसान होता है।  इसके साथ ही बकरी के दूध में अधिक मात्रा में वसा और प्रोटीन  भी होता है। जिसे पचा पाना बेहद मुश्किल होता है।  ऐसे ही बकरी का दूध भी इंसान के शरीर में बहुत गर्मी करता  है। और इसे ज्यादा पी लेने से एलर...